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कुछ गलतियाँ

कुछ बुरा अनुभव

कुछ असफलता

कुछ कमियाँ

कुछ धोखा

अनुप्´ महाशय को कॉलेज जाते अब छ: महीने हो चले थे । वे चुपचाप ग्यारह बजे लॉज से निकलते और सड़क की भीड़ में शामिल कॉलेज पहुंच जाते । कॉलेज में एकाध दोस्त बनाए थे, सो क्लास के बाद सीढयों पर बैठ समय काटते । न चाय की आदत थी न सिगरेट की, हां फिल्में खूब देखते थे, पर अकेले ।

एक दिन जब वे रियल् एनलैय्सेस् के क्लास में लेक्चर सुन रहे थे तो एक  लड़के ने उनकी काली कमीज पर सफेद चाक से कुछ लिख दिया। अनुप्´महाशय ने इस हरकत पर बस पीछे मुड़कर देखा और फिर लेक्चर सुनने लगे ।

अगले क्लास में अनुप्´ महाशय उस लड़के के पीछे बैठे थे । क्लास के दौरान उन्होंने भी उसकी पीठ पर कुछ लिख मारा । इस पर लड़के ने आंखे गुरेरी और फुसफुसाया निकलो तो बताते हैं ।

`अनुप्´महाशय ने इसे गंभीरता से नहीं लिया । तत्कालिक तौर पर उन्होंने अपने जूते के आगे के भाग में कुछ कीलें उल्टी खोंस ली कि लड़के ने कुछ किया तो इन्हीं से प्रहार किया जाएगा । पर लेक्चर के दौरान वे भूल गए कि लड़के ने चेतावनी दी थी ।

क्लास के बाद जब लेक्चरार बाहर गए और `अनुप्´ महाशय सीढ़ीनुमा क्लास रूम में नीचे उतरने लगे । अभी आखिरी सीढ़ी पर वे पहुचे थे कि उन्हें अपने चाारों ओर कुछ लहराता दिखा फिर फट-फट की आवाज सुनाई दी । वे 2 खड़ा थे । तब उन्हें अहसास हुआ कि यह आवाज बेल्ट की है और यह उन्हीं पर फटकारी जा रही है ।

अनुप्´महाशय अभी भी कुछ समझ नहीं पा रहे थे तब-तक उन्होंने देखा कि कुछ लड़के उस  लड़के को घूंसों-मुक्कों से पीट रहे हैं । `´अनुप्´महाशय के पास खड़ा लड़का उन्हें उकसा रहा था मारो ससुर को दो हाथ तुम भी । तब उन्हें अपने जूते में खोंसी पिनें याद आईं । तो लड़के `अनुप्´महाशय की पिटाई के एवज में ही उसे पीट रहे थे ।

`अनुप्´ को लगा कि गांधी जी का रास्‍ता सही है।

आपके जीवन मे ऐसी कौन सी ऐसी घटना है जिसने आपको बदल कर रख दिया?

ऐसा कोई घटना आपके साथ घटित हुआ है जिसे आज भी सोचकर आपको हँसी आती है?

यह बात तब की है जब मैं कक्षा 9 पढ़ता था, हमे स्कूल में निक्कर ही पहन के जाना होता था,
एक दिन लॉन्च में खाना खाके में अकेला स्कूल की बहार वाली सीढ़ियों पे मैदान में खेल रहे दूसरे बच्चो को देख रहा था,
तभी मेरे पास 4 लड़के आये जो  8वी में पढ़ते थे आये और कहने लगे कि तेरे पैर में छिप कली है,जैसे ही मैन पैरो की तरफ देखा था सच मे मेरे पैरों में एक छिप कली लिपटी थी, में डर के मारे चिल्लाने लगा पैरो को झटने लगा (बस निक्कर में सुसु निकलने की ही देर थी) कि वो 4 लड़के ज़ोर ज़ोर से हँसने लगे और मुझे पकड़ कर मेरे पैरों से वो छिप कली निकालने लगे, दरशल वो प्लास्टिक का खिलोने वाला छिप कली था जो पता नही उन लड़कों ने कब मेरे पैरों रख दिया,मुझे अहसाह भी नही हुआ !

जब भी टीवी या असल मे कोई छिप कली देखता हूँ तो ये घटना याद कर के मन मन्द मन्द मुस्कुराने लग जाता है 
एएमपी के लिए ऑटो विज्ञापनों के बारे में

एएमपी के लिए ऑटो विज्ञापन स्वचालित रूप से आपके एएमपी पृष्ठों पर ऐडसेंस ऑटो विज्ञापन डालते हैं। आपके द्वारा AMP ऑटो स्क्रिप्ट और विज्ञापन कोड जोड़ने के बाद, Google स्वचालित रूप से आपके AMP पृष्ठों पर इष्टतम समय पर विज्ञापन दिखाएगा जब वे अच्छा प्रदर्शन करने और एक अच्छा अनुभव प्रदान करने की संभावना रखते हैं।

लाभ

भागवान आए हो

यह उस समय की बात है जब मैं भोपाल में पढ़ता था, जब मैं सागर से लौटकर वापस भोपाल पर जा रहा था…तभी रास्ते में एक पति पत्नी और उनकी गोद मे छोटा बच्चा था उन्होंने मुझे रोका और मुझसे बोले कि हम लोग यहां काम करने आए थे और जो लोग हमारे साथ आए है उनसे हम बिछड़ गए है और मेरी बच्ची बहुत भूखी है उसे दूध पिलाना है, उस समय मोबाइल का इतना प्रयोग नहीं था इसलिए हर किसी के पास मोबाइल नहीं था। तो मेरी जेब में 30 रुपए पड़े थे मैंने उन्हें दे दिए। मेरे पास ऑटो तक के रुपए नहीं बचे थे। मेरा रूम 4,5 km था वहां से तो मैं पैदल ही चलने लगा रात के 9,10 बज रहे होंगे। तभी एक ऑटो वाला आया बोला एम् पि  नगर जा रहे हैं, मै पहले चौंका फिर मैं बोला हां जा रहा हूं। ऑटो वाला बोला मेरा घर उसी तरफ है मै वही जा रहा हूँ चलिए आप को छोड़ दूंगा, मै असमंजस में पड़ गया तभी बोला आप चलिए मै चौराहे पर छोड़ दूंगा आपको। फिर मैंने कहा अंकल मेरे पास रुपए नहीं है बोला कोई बात नही मै खाली ऑटो लेकर जाऊंगा इससे अच्छा कोई बैठ जाए। उसने मुझे एम् पि नगर चौराहे पर छोड़ा और तुरंत चला गया मैं उसे धन्यवाद तक नहीं बोल पाया। उसके बाद मैं सोचता रहा कि क्या पता उसके रूप में भागवान आए हो।…इसे अजीब संयोग ही कह सकते हैं।

Naga Baba does not feel like a cold quote?

The whole body of the ascendant becomes securely in accordance with that cold. Just as your non-covered nose tolerates the cold,
Probably the above thing applies to Naga Baba living in a nude state
If we look at body science, it can be said broadly that the body protects from two types of cold: -

1 Continuous long period due to the cold environment, the first of our body's top skin is adapted according to that kind of environment. Again, this type of skin increases in depth, and the insulation is made to stop the cold from reaching the inner parts of the body.
2 Outside the body temperature, the internal physical process (Metabolism) begins to create more heat energy as per the requirement. The source of this heat energy is our food. That is why in the winter days, the food contains more energy in our food.